गुरुवार, 21 जनवरी 2021

शैक्षिक संस्थाओं में डिजिटल शिक्षा का प्रवेश

लेखक : अशर्फी लाल मिश्र 

अशर्फी लाल मिश्र 

 




जैसे जैसे मानव जाति  में सांस्कृतिक  विकास हुआ वैसे वैसे शिक्षा पद्धति में भी  विकास हुआ। शिक्षा ही वह अभूतपूर्व विधा है जो मानव को पशुओं से  अलग करती है अन्यथा पशु एवं  मनुष्य में कोई अंतर ही नहीं होता।  

मानव सभ्यता को क्रमशः आगे बढ़ाने  में  शिक्षा को ही श्रेय दिया जा सकता है। 

प्रारम्भ में शिक्षा मौखिक थी।  ऋषियों और मुनियों के आश्रमों में शिक्षा मौखिक ही दी जाती थी। कालांतर में ज्ञान भोजपत्रों एवं शिलालेखों के रूप में सामने आया। जब कागज का आविष्कार हुआ तो मौखिक ज्ञान  पांडुलिपियों के रूप में आया। जब छपाई का विकास हुआ तो  पहले छपाई ब्लाक से और बाद में प्रिंटिंग प्रेस और अब छपाई  कंप्यूटर से होने लगी। 

ज्ञान प्राप्त करने की विधियां 

1 - श्रव्य 

2 -कण्ठ्य 

3 -मौखिक 

4  -दृश्य 

5  -पाठ्य 

6  - लेख्य 

7  -डिजिटल 

श्रव्य , कण्ठ्य ,मौखिक :

इन  विधाओं  का एक साथ विकास हुआ। इन विधाओं का प्रयोग सबसे पहले माता और उसके बाद अन्य लोग करते हैं। ऋषियों मुनियों के आश्रमों भी श्रव्य और कण्ठ्य विधियों से ही ज्ञान दिया जाता था। 

दृश्य , पाठ्य,मौखिक  :

जब लेखन विधि का आविष्कार हुआ और ज्ञान पुस्तक के रूप में लिपिबद्ध हुआ तो ज्ञान देने में दृश्य और पाठ्य विधियों का समावेश हुआ। लगभग एक दशक पूर्व तक   संस्कृत पाठशालाओं,  मकतबों ,मदरसों  में ज्ञान की विधाओं जैसे श्रव्य ,कण्ठ्य ,दृश्य एवं पाठ्य आदि का ही सहारा लिया गया। 

लेख्य :

ज्ञान प्राप्त करने की सभी विधाओं में  लेख्य सर्वोत्तम विधा  है। वर्तमान में सभी शिक्षण संस्थाओं में उक्त ज्ञान की सभी विधाओं जैसे श्रव्य,कण्ठ्य ,पाठ्य ,दृश्य एवं लेख्य एवं मौखिक विधाओं का स्तेमाल होता है।   

                                                      A scene of  Digital class

डिजिटल :

अभी तक शिक्षा प्रणाली में  परम्परागत विधाओं जैसे श्रव्य ,कण्ठ्य ,दृश्य ,पाठ्य , मौखिक और  लेख्य विधा का स्तेमाल होता रहा , लेकिन वर्ष 2020 में जब केवल भारत ही नहीं अपितु  सम्पूर्ण विश्व कोरोना महामारी से भयाक्रांत हो गया।  उस आपदा काल की स्थिति में भी भारत सरकार ने एक  उज्जवल अवसर देख कर  नई  शिक्षा नीति के साथ साथ  डिजिटल शिक्षा देने पर बल दिया गया। 

आज चाहे प्राथमिक शिक्षा हो या माध्यमिक या फिर उच्च शिक्षा हो हर कहीं डिजिटल शिक्षा का का तेजी से प्रचलन हो गया है यही नहीं देश में जितने भी कोचिंग संस्थान हैं वहां भी डिजिटल कोचिंग हो रही है। कहने का आशय यह है कि कोरोना काल  में  भारत  को एक सुअवसर प्राप्त हुआ जब   डिजिटल शिक्षा के  युग का प्रारम्भ  हुआ।  

डिजिटल शिक्षा देने में कुछ कठिनाइयाँ :

1 - 35  वर्ष  से अधिक आयु के शिक्षक साधारणतः फीचर फोन का स्तेमाल करते आ रहे है ,उन्हें स्मार्टफोन एवं इंटरनेट का स्तेमाल करना कम ही आता है यद्यपि  सभी शिक्षक डिजिटल ज्ञान देने की अनिवार्यता के  फलस्वरूप स्मार्ट फोन खरीदकर डिजिटल ज्ञान की ओर अग्रसर हैं। 

2 - ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत कम छात्रों के पास स्मार्ट फोन की उपलब्धता है। नगरीय क्षेत्रों  में गरीब अभिभावक भी स्मार्ट फोन उपलब्ध करने में असमर्थ नजर आ रहे हैं यद्यपि सभी छात्र डिजिटल ज्ञान के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं। 

3 - विना पाठ्य ,कण्ठ्य और लेख्य ज्ञान के डिजिटल ज्ञान कमजोर रहने की सम्भावना है अतः शिक्षा की  परम्परागत शैली को प्राथमिकता दी जाय तभी डिजिटल ज्ञान प्रभावी होगा. 

डिजिटल शिक्षा और निरीक्षण :

देखने में आया है कि अधिकाँश निरीक्षक डिजिटल ज्ञान में शून्य है और वे स्वयं अपने कंप्यूटर ऑपरेटर निर्भर रहते हैं निरीक्षकों को चाहिए वे शिक्षकों को नेट की नवीन विधा को  सीखने का अवसर दें। 

ओपिनियन 

1 - डिजिटल शिक्षा का भविष्य उज्जवल है। 

2 _डिजिटल ज्ञान से छात्रों को  पाठ्यक्रम के साथ साथ ढेर सारी  सहायक  उपलब्ध होगी। 

3 - छात्रों को  विविध विद्वानों और ब्लागरों  के लेख पढ़ने को मिलेंगे। 

4 - छात्रों को ब्लॉग के रूप में अपनी अभिव्यक्ति का अवसर मिलेगा। 

5 - छात्रों के बस्ते(bag) का बोझ घटेगा। 

  

रविवार, 6 दिसंबर 2020

क्या सेवानिवृत्ति के बाद अनिवार्य रूप से जाति की वैधता है?

 द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र

Updated on 13/12/20

प्रश्न : क्या सेवानिवृत्ति के बाद अनिवार्य रूप से जाति की वैधता है?

उत्तर : हमारा उत्तर सकारात्मक होगा कि  सेवा निवृत्ति के बाद भी जाति की वैधता मानी जानी  चाहिए। 

उक्त प्रश्न के उत्तर  में हमारा विचार है यदि किसी व्यक्ति ने किसी भी प्रकार की सेवा प्राप्त करने में या लाभ प्राप्त करने में  जाति  का  उल्लेख किया है भले ही आरक्षण जैसी स्थिति न भी हो  तब भी जाति की वैधता मानी  जानी चाहिए ।  

किसी भी संस्था में सेवा हेतु आवेदन पत्र में यदि जाति का  उल्लेख (कॉलम ) है तो उसमें भी नियोजक का   कुछ आशय छिपा रहता है इसीलिए आवेदन प्रपत्र में जाति का जिक्र अनिवार्य होता है। 

जाति छिपाकर सेवा प्राप्त करना  अपराध की श्रेणी आता है।  यदि किसी व्यक्ति ने जाति  छिपाकर सेवा प्राप्त की है और सेवानिवृत्ति के बाद जाति का भेद खुलता है तो निश्चित ही ऐसे व्यक्ति से सेवा अवधि  में   प्राप्त  लाभों की वसूली की जानी चाहिए। 

हाँ  ,यह हो सकता है कि सेवा निवृत्ति के बाद व्यक्ति जाति /धर्म में बदल दे। उस स्थिति में  देखा जाना चाहिए कि  व्यक्ति ने किन परिस्थितियों में और क्यों  जाति /धर्म क्यों बदला।  अगर व्यक्ति का उद्देश्य मूल जाति  को छिपाने का  है तो निश्चित ही उसका धर्म /जाति के  बदल  जाने मात्र से  मूल जाति जो सेवा से   पूर्व थी उसकी सेवानिवृत्ति के बाद भी  वैधता समाप्त नहीं होती। 

लगभग सभी प्रकार की सेवाओं में जाति का उल्लेख करना अनिवार्य होता है यहाँ तक कि  किसी निर्वाचन (समाज सेवा ) में भी जाति का उल्लेख करना आवश्यक है। भारत में  संसद और विधान सभाओं  के चुनाव में  राजनीतिक दलों दवरा टिकट वितरण में भी जाति का भी विशेष ध्यान रहता है। 

जाति छिपाने पर दंड 

जाति छिपाने पर खरगोन ,मध्य प्रदेश के जिलाधिकारी ने सरपंच को हटाया[1] 

अभिमत 

सेवा योजन  के समय की जाति सेवा निवृत्ति के बाद भी बैध ही रहेगी क्योंकि व्यक्ति ने  सेवा प्राप्त करने में   जाति  का लाभ लिया है। 

प्रश्न :  जातिगत भेदभाव के बारे में वे क्या सोचते हैं?

उत्तर : पहले जाति  व्यवसाय से जुडी थी।  कालांतर में जन्म से जुड़ गयी।  जाति  किसी को आगे बढ़ने  से रोकती नहीं। वर्तमान में लोकतंत्रीय शासन में जाति व्यवस्था कुछ लोगों के लिए वरदान तो कुछ लोगों के लिए अभिशाप है। 

जहां तक हम पाते है सार्वजनिक स्थानों पर कहीं भी जाति नहीं पूँछी  जाती। सार्वजानिक स्थान जैसे  होटल ,बाजार ,मेला ,रेल, बस ,वायुयान ,मंदिर,सार्वजानिक समारोह आदि में जाति नहीं पूँछी जाती। 

राजनीतिक लाभ के लिए ,मतों के ध्रुवीकरण में , चुनाव में टिकट पाने में , नौकरियों में आरक्षण में ,सरकारी लाभ लेने में जाति  स्वयं बोलती नजर आती है। कहने का आशय यह है कि आज लोकतंत्र में आरक्षित वर्ग में जातिवाद  वरदान साबित हो रहा है। माना कि  इस  आरक्षण का उद्देश्य सदियों से दबे कुचले लोगों को सामान्य धारा में  लाने  का है लेकिन जो लोग सामान्य से ऊपर उठ चुके हैं उन्हें हटाया भी तो जा सकता है। ऐसा न होने से समाज में एक नयी असमानता की खाई  पैदा हो रही है और वह है आर्थिक ,सामाजिक़ एवं शैक्षिक असमानता। 

अब समाज में  नई विषमता जो  आर्थिक ,शैक्षिक एवं सामाजिक  दृष्टि से  पैदा हो रही है उसे  समाप्त करना  चाहिए। 

अभिमत 

1- नव धनाढ्यों को आरक्षण से बाहर किया जाना चाहिए. 

2- देश में आर्थिक विषमता को दूर   करने के लिए   आरक्षण आर्थिक आधार पर हो। 

3-शैक्षिक विषमता को दूर करने के लिए गरीबों को पूरी तरह से शैक्षिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेँ । 


शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

मिश्र बैजेगांव

द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र ©,अकबरपुर,कानपुर।

अशर्फी लाल मिश्र 






कान्यकुब्ज ब्राह्मण -कात्यायन गोत्रीय  मिश्र  (बैजेगांव ) की एक शृंखला 

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बैजेगांव उन्नाव से चलकर रावतपुर  कानपुर   होते हुए तहसील डेरापुर   जिला कानपुर  के  इंजुआरामपुर  ग्राम में पहुँची । दोआब  के प्रसिद्ध  जमींदार त्रिवेदी  परिवार (मण्डन के त्रिवेदी- ददई  के पूर्वज ) द्वारा  इंजुआरामपुर में   बसाये गए। 

 अब नीचे पूर्वजों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार  वंश शृंखला  का वर्णन किया जा रहा है ;

    मुरलीधर मिश्र ---> बंशीधर मिश्र --->लालू प्रसाद मिश्र (लालू प्रसाद मिश्र -लुहर्रा,जमुनिया जिला सागर  मध्य प्रदेश  में बस  गए )

     अब वंशीधर मिश्र  के परिवार  की श्रृंखला  नीचे दी जा रही है ;

बंशीधर मिश्र के दो पुत्र (i  ) कालका प्रसाद (ii  ) सदासुख   

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(i  )  कालका प्रसाद मिश्र  की श्रंखला का वर्णन                           

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कालका प्रसाद मिश्र  ---> तीन पुत्र : (ए  )- कन्हैया लाल (कन्हई ),(बी) -नन्हा प्रसाद , (सी) -सधारी लाल। 

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[ए ] कन्हैया लाल मिश्र  के पुत्र --->लक्ष्मी नारायण। 

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 लक्ष्मी नारायण  मिश्र के 4  पुत्र ---> 1 -राम स्वरुप, 2 -राम शंकर , 3- राम लखन ,4-राम औतार। ,पुत्री-रामदुलारी 

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[राम स्वरूप मिश्र कर्रही नई बस्ती ,कानपुर नगर में बस गए।]

1 -राम स्वरुप  मिश्र के पुत्र --->अवधेश कुमार।

 अवधेश कुमार मिश्र के पुत्र --->

 गौरव (Businessman),

सौरभ (Businessman) ,

पुत्री-डाली

2 -राम शंकर  मिश्र के पुत्र --->सत्येंद्र कुमार ।

[सत्येंद्र कुमार कानपुर में रहने लगे]

 सत्येंद्र कुमार मिश्र के 1 पुत्र--->प्रभात ।

पुत्रियां--->

3 -राम लखन  मिश्र के 2 पुत्र --->श्रीकृष्ण , शम्भू 

[श्री कृष्ण,शभू कानपुर रहने लगे।]

[ राम औतार मिश्र दामोदर नगर में बस गए। ]

4 - राम औतार  मिश्र के 1  पुत्र --->

                                   पुत्रियां ---->

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[बी ]-नन्हा प्रसाद  मिश्र के  तीन पुत्र : 1 - राम खेलावन ,2 -प्रयाग नारायण ,3 - शिव शंकर लाल।

 पुत्रियां 3 ---> 1 - राजे ,2 -सुंदरा ,शिवदुलारी।   

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रामखेलावन मिश्र[a] :

रामखेलावन  मिश्र (1909 -1982 )














[शिक्षा -वर्नाक्युलर फाइनल परीक्षा , पूर्व शिक्षक , प्रथम ग्राम प्रधान -इंजुआरामपुर  ,तहसील डेरापुर ,कानपुर ,उत्तर प्रदेश। ]

   *पत्नी --->रेणुका (रन्नो )                   

1 - राम खेलावन मिश्र  के 3  पुत्र ---> 

(a )रमेश चंद्र ,

(b )अशर्फी लाल , 

(c )उमेश चन्द्र।

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रमेश चन्द्र मिश्र :

(रमेश चन्द्र मिश्र 1938 -2000 )








[[रमेश चंद्र मिश्र (1938 - 2000 )--->पुलिस अफसर।  वर्ष 1957 में गुना ,मध्य प्रदेश  चले गए  और वहीँ विवेक कॉलोनी कैंट गुना ,मध्य प्रदेश  में बस गए ]]

*पत्नी --->राजेश्वरी 

(a )रमेश चन्द्र  मिश्र  के  पुत्र  --->

(i ) शिव स्वरुप Dip. in Civil Eng.(इंजीनियर ) , सेवानिवृत के बाद स्थाई रूप से शिवपुरी (मध्य प्रदेश ) में बस गये।

पत्नी - सरोज (स्नातक, गृहणी )

पुत्र -  दिवाकर, अंकित 

शिव स्वरुप (1960-2024) एवं सरोज 







(2)-श्रीगोपाल M. A., B. Ed.(सेवा निवृत्त शिक्षक) ,

श्री गोपाल मिश्र (1964---)







श्रीगोपाल की पत्नी - सीमा (M. A., B. Ed.) प्रधानाचार्य 

सीमा 







मनुजा (2000---) पुत्री ( M. A., N E T )

(3)-सुशील M. Lib.,(चीफ लाइब्रेरियन)। 

सुशील की पत्नी - शिल्पी (M. A., B. Ed., B. Lib.), PGT 

पुत्रियां --->(1)-मंजू , 

(2)-कल्पना M. A. (शिक्षक). 

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   शिव स्वरुप मिश्र   के पुत्र --->दिवाकर ,अंकित। 

 दिसम्बर 2024 में कान्हा कॉलोनी,सर्कुलर रोड, शिवपुरी, मध्य प्रदेश में मकान बना कर रहने लगे।

(1) दिवाकर (U. G.)

दिवाकर की पत्नी - ज्योति (M. A., B. Ed.)

दिवाकर के पुत्र - रुद्राक्ष 

(2) अंकित (B.B.A., P. G. H. M)

अंकित की पत्नी - रजनी (M. Tech.)

 अंकित मिश्र  की पुत्री --->आर्ना । , पुत्र - शिवम ( 2026---)


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श्रीगोपाल मिश्र फ्रेंड्स कॉलोनी ,कैंट गुना ,मध्य प्रदेश में बस गए। 

श्रीगोपाल की पत्नी - सीमा 

  श्रीगोपाल  मिश्र   की पुत्री ---> मनूजा (M..A. B. Ed., NE T)

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सुशील मिश्र पैतृक निवास विवेक कॉलोनी ,कैंट गुना ,मध्य प्रदेश में  रहते हैं। 

सुशील की पत्नी - शिल्पी 

  सुशील मिश्र  की पुत्री ---> गौरवी (गार्गी)। 

गौरवी ( गार्गी ) ( इंटर - --)







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अशर्फी लाल मिश्र (1943 ---)



अशर्फी लाल मिश्र (जून 2023)







[[ अशर्फी लाल मिश्र[a]वर्ष 1982 में भटौली -रूरा ,कानपुर में बस गये  ]]

*पत्नी --->सावित्री मिश्रा 

सावित्री देवी (1949----)







(b ) अशर्फी लाल मिश्र  की पुत्री --->

प्रतिभा  मिश्रा  M.A.,B.Ed. (शिक्षक)

अशर्फी लाल मिश्र  के दौहित्र --->

 1- Er. Prabhat  B.Tech. 









2- Prakhar . (U. G.), M. B. A. (1st sem.)

प्रखर (2002-------)









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[[ उमेश चन्द्र मिश्र (1954 - )  स्नातक -->वर्ष 1980  में  बर्रा-1 आदर्श नगर ,कानपुर में बस गए ]]

(c ) उमेश चन्द्र  मिश्र  के पुत्र --->

 1-रितेश (टिल्लू),

प्रमेश (गिल्लू) . 

पुत्र वधु -अंशू M.A.,B.Ed.(शिक्षक)

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 रितेश मिश्र   के पुत्र ---> पुत्र-अनुभव  &  पुत्री-श्रेया ।

प्रमेश मिश्र  ----> 

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2 - प्रयाग नारायण  मिश्र के पुत्र --->बैजनाथ। 

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 बैजनाथ  मिश्र के पुत्र ---->

 कमला कान्त (गुड्डू), 

उमा कान्त (चुन्नू), 

पुत्री -पिंकी। 

कमला कान्त  मिश्र  के पुत्र ---->

उमा कांत मिश्र  के पुत्र ---->

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3 - शिव शंकर लाल मिश्र  के पुत्र ---> मुकेश कुमार ,रामाधीन 

मुकेश कुमार  ---अविवाहित 

[रामाधीन मिश्र   कल्यानपुर ,कानपुर  में रहने लगे। ]

रामाधीन  मिश्र  के पुत्र --->

                          पुत्री ---->

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[सी] सधारी लाल मिश्र  के पुत्र ---> सोने लाल, पुत्री - गोमती देवी ।

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 सोने लाल  मिश्र के पुत्र --->महावीर प्रसाद, पुत्री - विन्देश्वरी देवी (विन्दो )। 

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महावीर प्रसाद  मिश्र के पुत्र --->रूपराम , रूप नारायण (छोटे), कपिल कुमार, पुत्री -रानी । 

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रूपराम  मिश्र के पुत्र ---> सौरभ ,पवन 

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[रूप नारायण मिश्र ग्राम -जौरवा ,तहसील सिकन्दरा ,कानपुर देहात में बस गए ]

रूप नारायण  मिश्र (छोटे) के पुत्र --->गोपाल।

  गोपाल  मिश्र के पुत्र --->केशव 

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[[कपिल कुमार मिश्र ---> वर्ष 2000 में जरौली ,कानपुर बस गए]]

कपिल कुमार मिश्र  के पुत्र ---->

1-अंकित (B.Sc.),

2-अभिषेक ( सोनू) ( U. G. 2nd yr. )

3-पुत्री- आकांक्षा (अन्नू), ( U. G. 1st yr.)

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(ii )  सदासुख मिश्र  की श्रृंखला 

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सदासुख  मिश्र  के 3 पुत्र --->

1-गंगा प्रसाद ,

2-जमुना प्रसाद ,

3-राम लाल। 

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गंगा प्रसाद मिश्र --  [ विवाहित-संतान रहित}

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जमुना प्रसाद मिश्र   की पुत्रियाँ ----> सिया दुलारी, शांती  देवी। 

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राम लाल मिश्र  के पुत्र --->जगदीश नारायण , पुत्रियाँ ----> राम जानकी , गया देवी , बिट्टा ।

जगदीश नारायण  मिश्र के पुत्र ---> आशुतोष (हीरा लाल),अभिषेक ,हर्ष। 

हीरा लाल मिश्र के पुत्र  --->  2 पुत्रियां।   

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Composed by Asharfi Lal Mishra ©                  

रविवार, 3 मई 2020

जनसुनवाई समाधान पोर्टल उत्तर प्रदेश : फर्जी निस्तारण

ब्लॉगर: अशर्फी लाल मिश्र




Asharfi Lal Mishra 













Updated on 16/04/2024
आज तक DPRO Kanpur Dehat के स्तर न ही नाली खोली गई और न ही समस्या हल हेतु कोई कदम उठाया गया।












Updated on 30/03/2024
मोबाइल द्वारा 23/03/2024 को DM कानपुर देहात से समस्या हल हेतु संपर्क किया गया। DM महोदय ने समस्या को DPRO कानपुर देहात को अवगत कराया। DPRO ने मोबाइल द्वारा समस्या पूँछी। लेकिन आज तक न ही गुलाम रजा (ग्राम भटौली, रूरा, ब्लॉक अकबरपुर ) के मकान के सामने न ही नाली खोली गई और न ही उसे गहरा किया गया। पंचायत विभाग द्वारा समस्या उपेक्षित की जा रही है।













Updated on  07/03/2024
जिलाधिकारी कानपुर देहात को प्रार्थना पत्र दिया गया जो निम्न है :













Updated on 04/03/2024
ADO पंचायत अकबरपुर, कानपुर देहात राजनीति से प्रेरित हैं जो ग्राम प्रधान के अनुसार कार्य करते हैं। आज से 43 वर्ष पहले घर का दूषित पानी निकलने के लिये नाली बनी थी उस समय न ही भटौली - सराय रोड था और नहीं उत्तर एवं पश्चिम में कोई मकान। नाली मात्र 9" गहरी मेरे द्वारा सार्वजनिक हित में बनवाई गई। आज नाली बन्द है और ADO पंचायत अकबरपुर ने उसे 2 फुट गहरा लिख दिया.।


















Updated on 15/12/2023
तहसील दिवस में केवल कागजी कार्यवाही हुई समस्या का निदान नहीं हुआ। मूल समस्या को छोड़कर समस्या की दिशा ही मोड़ दी गई।














Updated on 02/12/23
आज तहसील दिवस में पीठासीन अधिकारी ADM J कानपुर देहात को समस्या समाधान हेतु निम्न प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया 
02/12/2023 को तहसील दिवस अकबरपुर में दिया प्रार्थना पत्र 




















ADM J ने दिनाँक 05/12/2023 को दोपहर 12 बजे नाली का अतिक्रमण हटाने हेतु थाना रूरा को निर्देश दिये एवं ADO पंचायत अकबरपुर को मानक के अनुसार गहरा कर नाली निर्माण हेतु निर्देशित किया।
Updated on 18/11/2023
CDO कानपुर देहात की अनुपस्थित में --->
तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र में तहसीलदार महोदय ने समस्या जाँच हेतु नायब तहसीलदार अकबरपुर एवं ADO पंचायत अकबरपुर की संयुक्त टीम बनाई थीं लेकिन प्रार्थना पत्र में समस्या हल करने में ग्राम प्रधान, सचिव, ADO पंचायत एवं BDO अकबरपुर की उदासीनता का उल्लेख था अतः CDO कानपुर देहात ने पुनः जांच ADO पंचायत को दे दी।
भ्रष्टाचार को दबाने का एक सुनियोजित प्रयास।
ADO पंचायत द्वारा जांच रिपोर्ट 












ADO पंचायत (हरी ओम सक्सेना ) अकबरपुर ने असत्य रिपोर्ट देकर सामाजिक विद्वेष फैलाने का प्रयास किया है। 

Updated on 15/11/2023
पुनः BDO Akbarpur को समस्या निस्तारण हेतु CDO कानपुर देहात ने निर्देशित किया।

Updated on 04/11/2023
आज दिनाँक 04/11/2023 को संपूर्ण समाधान दिवस तहसील अकबरपुर, कानपुर देहात में समस्या समाधान हेतु प्रार्थना पत्र क्रमांक 030084523001845 दिया गया।












जॉच हेतु नायब तहसीलदार एवं ADO पंचायत की संयुक्त टीम बनाईं गई।
Updated on 31/10/2023
आज तक समस्या पेंडिंग है। 
Updated on 08/09/2023
आज 12.29 बजे मोबाइल द्वारा D M Kanpur dehat से सम्पर्क किया और उनके निर्देश पर email द्वारा समस्या को भेजा गया।
Upadated on 18/07/2023
आज तक समस्या हल हेतु किसी की ओर से सकारात्मक प्रयास नहीं हुआ। समस्या: नाली मरम्मत -->भटौली - सराय रोड पर होनी है। जगह PWD की है।कोई विवाद नहीं।
Updated on 11/04/2023
BDO Akbarpur ने अवगत कराया कि ग्राम प्रधान ने नाली निर्माण कराने से मना कर दिया। अब हमारे द्वारा मौका मुआयना किया जायेगा।
DM Kanpur से mobile द्वारा संपर्क किया तो सहयोगी ने अवगत कराया कि CHC डेरापुर के निरीक्षण में हैं।

Updated on 08/04/23
दिनांक 07/04/23 को CDD  Kanpur D. से mobile पर संपर्क किया । लेकिन CDO ने रिवर्स काल कह कर काल काट दी। उसके बाद कोई बात नहीं हुई।

Updated on 07/04/2023

BDO Akbarpur ने 27/03/2023 ko आश्वासन दिया था कि अप्रैल 23 के प्रथम सप्ताह में समस्या का समाधान हो जायेगा।आज अप्रैल 23 का प्रथम सप्ताह समाप्त हो रहा है लेकिन समस्या समाधान का कोई संकेत नहीं।
Updated ओं 04/03/2023
समस्या हल करने हेतु CDO Kanpur Dehat से mobile पर संपर्क नहीं हो सका. (10:59 पर )
11:00 बजे DM कानपुर देहात से समस्या हल हेतु संपर्क करने का प्रयास किया तो सहायक से बात हुई ।

Updated on 25/03/2023

आज BDO Akbarpur ने अवगत कि समस्या कार्य योजना में नहीं है।जब कि जनसुनवाई पोर्टल पर समस्या को कार्य योजना में सम्मिलित कर हल करना दिखाया गया है ।
Updated on 20/02/2023
आज समस्या सम्बन्धी ब्लॉग को CDO Kanpur Dehat एवं DM कानपुर Dehat को ईमेल द्वारा भेजा गया ।


Updated on 
आज ट्विटर द्वारा जिलाधिकारी कानपुर देहात को पुनः समस्या प्रस्तुत की गई ।

Updated on 05/01/2023
आज समस्या हल हेतु बीडीओ अकबरपुर कानपुर देहात से सम्पर्क किया और उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से समस्या निदान हेतु भेजी साथ ही डीएम कानपुर देहात को भी व्हाट्सएप के माध्यम से रिमांड कराया।

Updated on 26/12/2022
आज समस्या हल हेतु जिलाधिकारी कानपुर देहात को व्हाट्सएप नम्बर 7068185751 पर भेजी गई।
Updated on 16/12/2022
आज समस्या हल हेतु 11.13 बजे डीपीआरओ कानपुर देहात से मोबाइल पर निवेदन किया गया।

Updated on 29/11/2022

उक्त समस्या के हल हेतु एक प्रार्थना पत्र 23/10/2022 को ADO पंचायत , अकबरपुर, कानपुर देहात हो दिया गया जो निम्नवत है -

प्रार्थना पत्र (13/10/2022)


उक्त प्रार्थना पत्र पर भी विभाग मौन है।

Updated on 01/06/2022
पुरानी समस्या को पुनः 21/05/22 को जनसुनवाई पोर्टल पर क्रमांक 40016322005701 पर पंजीकृत की गई । समस्या आज तक पेंडिंग है। दीपक के नीचे अंधेरा ही अंधेरा सदैव रहता है।

Updated on
26 अप्रैल 2022 को व्हाट्सअप के माध्यम से ग्राम पंचायत अधिकारी आशिका सिंह, DPRO Kanpur Dehat, CDO Kanpur Dehat, DM Kanpur dehat समस्या को रिमाइंड कराया  गया।

Updated on 06/04/2022
आज ग्राम प्रधान भटौली श्री धर्मेन्द्र कुमार शर्मा को समस्या निस्तारण हेतु पुनः मोबाइल द्वारा रिमाइड कराया गया तथा व्हाट्सएप के माध्यम से DPRO Kanpur Dehat द्वारा DM Kanpur Dehat को भेजी गई समस्या निस्तारित हो जाने की फर्जी सूचना की प्रति भेजी गई। समस्या आज तक पेंडिंग है।

Updated on 14/03/2022

भ्रष्टाचार की सीमा 

आज तक न नाली की सफाई हुई और न ही उसकी मरम्मत की गई। नाली मरम्मत के लिए DPRO से मोबाइल से संपर्क किया, प्रधान एवं ग्राम सचिव से भी सम्पर्क किया। न भी नहीं और काम भी नहीं। प्रधान ने आश्वासन दिया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में नाली मरम्मत हो जाएगी लेकिन आज तक नहीं।


Updated on 13/12/2021


DPRO द्वारा DM Kanpur Dehat
को भेजा गया पत्र















Updated on 08/07/21

#भ्रष्टाचार
जो आदतन भ्रष्ट है उससे काम की उम्मीद करना ही व्यर्थ है।एक समस्या जो सालों से चल रही है उसे अधिकारी फर्जी तौर पर निस्तारण कर देते है। जन सुनवाई पोर्टल एक दिखावटी स्थान है।
01/06/21 को इसी समस्या को शिकायत संख्या 40016321005905 की गई लेकिन जिला पंचायतराज अधिकारी कानपुर देहात ने समस्या निस्तारण की फर्जी  रिपोर्ट जिला अधिकारी कानपुर देहात को भेज दी।

जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40016320015257 का फर्जी निस्तारण

किया गया। जांच अधिकारी ने कार्यालय में ही बैठकर जांच आख्या भेज दी। पोर्टल पर फीडबैक लिखा गया एवं ईमेल द्वारा जिलाधिकारी कानपुर देहात ,मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ,संपादक दैनिक जागरण कानपुर एवं स्थानीय रिपोर्टर को भी सूचना दी गई। 


आज दिनांक ११/१२/२० को  मुख्यमंत्री को e-mail से प्रार्थना पत्र भेजा गया। 
समस्या के फर्जी निस्तारण से सम्बंधित एक प्रार्थना पत्र e-mail द्वारा मुख्य विकास अधिकारी कानपुर देहात को भेजा गया, 
आज दिनांक 15/11/20 पुनः समस्या को जनसुनवाई पोर्टल पर सन्दर्भ  संख्या 40016320013828 पर  पंजीकृत किया गया।

 आज दिनांक 11/11/20 को समस्या के फर्जी निर्धारण  की शिकायत ईमेल द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से की गई। 

10/09/20
आज गुलामरजा ने नाली पूर्ण रूपेण बंद कर दी. उप जिलाधिकारी अकबरपुर से फ़ोन से संपर्क करने प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी। बाद में ईमेल के द्वारा जिलाधिकारी कानपुर देहात को प्रार्थना पत्र भेजा गया  तथा मुख्य मंत्री उत्तरप्रदेश को भी फॉरवर्ड  किया गया। तथा 40016320006612 का फीडबैक लिखने पर भी फर्जी निस्तारण किया गया। सम्बंधित अधिकारी जनता को फर्जी काम करने की  प्रेरणा देते हैं। फर्जी काम में धन का बंदरबांट होना भी निश्चित है। इस फर्जी काम में शासन क्यों मौन है यह  चिंता का विषय है। 


Updated on 09/09/20

आज दिनांक 09 /09 /20  को घर निकलने वाली  पक्की नाली भटौली -सरायं रोड तक मेरे द्वारा साफ़ कराई गयी एवं ऊपर से ईंटो द्वारा बंद भी कर दिया गया ताकि गन्दगी और मच्छरों से से मुक्ति मिले। लेकिन नाली का पानी गुलामरजा के सामने अवरुद्ध है। 



जनसुनवाई समाधान पोर्टल पर दिनांक 13 /06 /20  को की गई शिकायत संख्या 40016320006612 आज तक  पेंडिंग है यद्यपि पोर्टल पर शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया गया। 

11/08/20 को अद्यतन किया गया
समस्या मुख्य विकास अधिकारी द्वारा खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर को हल करने के लिए सन्दर्भित की गई लेकिन समस्या हल करने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
समस्या भ्रष्टाचार का शिकार हो गई। समस्या पोर्टल पर बार बार हल हो जाती  है लेकिन मौके पर हल नहीं।

09/08/2020 को अपडेट किया गया
जनसुनवाई पोर्टल या फिर ईमेल से भेजे गए प्रार्थना पत्रों पर कोई कार्यवाही नहीं होती है। 
जनसुवाई पोर्टल पर चाहे फीडबैक रिकॉर्ड या फिर रिमाइंडर के जरिए केवल पोर्टल पर एक्शन दिखाई देता है मौके पर कोई कार्य ही नहीं होता है। जाँच अधिकारी बार बार फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट लागू करने में मदद कर रहे हैं ..आज तक शिकायत नंबर 400 16319014371, 40016320002227, 40016320006612 का केवल फर्जी निस्तारण हुआ। 
बुजुर्गों की समस्या के प्रति जिला स्तर के अधिकारी उदासीन। 

23/07/2020 को
दस्तावेजी अधिकारी प्रार्थना पत्र नहीं सुनते। एक ही समस्या को तीन बार जनसुनवाई समाधान पोर्टल पर और 1 बार मुख्य मंत्री हेल्पलाइन पर हर बार फर्जी निस्तारण।
खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर, कानपुर देहात ने बार-बार फर्जी समस्या निस्तारण की रिपोर्ट प्रेषक से गत वर्ष भटौली में डेंगू फैला और इस वर्ष भी डेंगू फैलने की शत प्रतिशत सम्भावना है।

इसी तरह केंद्र सरकार और राज्य सरकार के वरिष्ठ नागरिकों पर विशेष कृपा करये रखने के लिए उपहार संकल्प है। लेकिन हम उस जंग लगी मशीनों के बारे में क्या कहूँ जो अपनी कार्य शैली को बदलने के लिए तैयार ही नहीं है।

 योजनाएं तो बहुत अच्छी हों, समस्याएँ भी बहुत नाजुक हों उन्हें हल करना तो नौकरशाही के ऊपर निर्भर करता है। लेकिन नौकरशाही की कार्यशैली में डिजिटल इंडिया के तरह-तरह के बदलाव लाना ही बहुत गलत काम है।
हम 77 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक हैं। चलने फिरने में कठिनाई है अतः डिजिटल मीडिया से अपनी समस्या हल करने का सहारा लेता हूँ। डिजिटल मीडिया ने वरिष्ठ नागरिकों की बहुत सी समस्याएं आसान हो गई हैं।

अब आते हैं जनता की समस्याओं को हल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने जनसुनवाई समाधान पोर्टल को विकसित किया जिसका माध्यम से त्वरित, निर्धारित समयावधि में समस्या का समाधान हो लेकिन नौकरशाही ने इस पोर्टल पर भी अधूरा या फर्जी निस्तारण का रास्ता लिया है। आगे हम कुछ फर्जी निस्तारण के उदहारण प्रस्तुत कर रहे हैं:

जन परीक्षण समाधान पोर्टल पर मेरे द्वारा पंजीकृत शिकायत संख्या - 400 16319014371 दिनांक 18/10/19 का फर्जी निस्तारण दिखा कर खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर ने दिनांक 01/11/19 को जिलाधिकारी कानपुर देहात को रिपोर्ट भेज दी। दिनांक 21/02/2020 को मेरे द्वारा जिलाधिकारी कानपुर देहात (dmkan@nic.in) से अधूरे निस्तारण की शिकायत भी की गई और शिकायत को cmup@nic.in को भी भेजी गयी। प्रतिक्रिया देने पर भी कोई अर्थ नहीं निकला। खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर ने दिनांक 01 / 01.20 को पुनः फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट जिला अधिकारी कानपुर देहात को भेज दी। यह डिजिटल इंडिया को धूल धूसरित करने का यह एक उदहारण है।
जनसुनवाई पोर्टल पर पंजीकृत संख्या -40016319014371 


   
प्रार्थी  के घर से निकलने वाली नाली  का मुख जो भटौली -जगदीशपुर रोड  (ब्लॉक -अकबरपुर )  पर खुलता है
पुनः जनसुनवाई समाधान पोर्टल उत्तर प्रदेश पर दिनांक 21/02/20 को इसी समस्या को मेरे द्वारा शिकायत संख्या 40016320002227 पर पंजीकृत किया गया है। बिनन्दक 29/02/20 को खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर ने समस्या निस्तारण की पुनः फर्जी रिपोर्ट जिलाधिकारी कानपुर को भेज दी। लेकिन आज तक समस्या का निस्तारण ही नहीं किया गया।
जनसुवाई समाधान पोर्टल पर पंजीकृत शिकायत संख्या -40016320002227 

  एक ही समस्या दो दो बार फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट, खंद विकास अधिकारी अकबरपुर ने जिलाधिकारी कानपुर देहात को भेजी। 10 अप्रैल, 2020 को मेरे द्वारा जिलाधिकारी कानपुर देहात (dmkan@nic.in) से फर्जी निस्तारण की शिकायत की गई और cmup@nic.in द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भी सूचना दी गयी। यद्यपि खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर ने 21/02/20 को समस्या का मौका बदलनेयना भी किया था और आश्वासन भी दिया कि गुलामजा फ्रंट मानक के अनुसार पैदल का निर्माण करा दिया जाएगा।


 नाली जिसे गहरा करना है नीचे  गई है :
जिसे मानक के अनुसार गहरा करने की प्रार्थना 


नाली  का निरीक्षण करते हुए खंड विकास अधिकारी अकबरपुर, कानपुर देहात  
सम्बंधित अधिकारी सही कार्य करने के लिए ताल मटोल क्यों करते हैं यह जांच का विषय है। अवधि है कि गुलाम रजा के सामने भटौली - जगदीशपुर रोड पर बनीवेल मानक के अनुसार गहरे की जाय क्योंकि मेरे घर का पानी गुलामरजा के सामने रोड के समानार बने दल से पानी निकलना बंद हो गया है।

जनसुनवाई समाधान पोर्टल उत्तर प्रदेश पर 2 बार समस्या पंजीकृत की गई पहली बार की शिकायत में आंशिक निस्तारण कर पूर्ण निस्तारण की रिपोर्ट खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर ने जिलाधिकारी कानपुर देहात को भीies और दूसरी बार की शिकायत में पूर्ण रूपन फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट जिलाधिकारी कनूर देहात को दी। भेज दिया। आज भी समस्या ज्यों की त्यों पेंडिंग है।

फीडबैक देने के बाद भी आज तक समस्या पेंडिंग है।
 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन:
दिनांक 27/03/2020 को प्रस्तुत समस्या को मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर पंजीकरण संख्या 92016300006441 पर पंजीकृत की गयी। जिसका फर्जी निस्तारण / आंशिक निस्तारण किया गया। फीडबैक देने पर और जिला पंचायत राज अधिकारी से मोबाइल संपर्क करने पर भी आक्रोश में आकर जिला पंचायत राज अधिकारी ने शुद्धता की समस्या को ही मजबूत कर दिया था। हम यहां अवगत कराने चाहते हैं कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत अकबरपुर और जिला पंचायत राज अधिकारी कानपुर देहात का व्यवहार और बात चीत का ढंग पद के अनुकूल नहीं था .. हमें ऐसा लगा कि ग्राम पंचायत अधिकारी भटौली: जो फर्जी / आंशिक निस्तारण को पूर्ण निस्तारण की रिपोर्ट दी। अपने अधीनस्थ के आरक्षण में, सहायक विकास अधिकारी पंचायत अकबरपुर और जिला पंचायत राज अधिकारी कानपुर देहात हमारी बात सुनने को तैयार नहीं थे।
 



तीसरी बार इसी समस्या को फिर से जनसुनवाई समाधान पोर्टल पर दिनांक 13/06/2020 को शिकायत संख्या 40016320006612 पर शिकायत की गई। दिनांक 23/07/20 को समस्या निदान हेतु खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर से फोन पर संपर्क किया गया।इस बार भी खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर, कानपुर देहात ने दिनांक 09/07/2020 को पुनः समस्या के फर्जी निस्तारण की सूचना जिला अधिकारी कानपुर देहात को भेज दी।   20/05/2020 को समस्या निवारण के लिए खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया गया है। 26/05/20 को मोब। 7651812047 खंड विकास अधिकारी अकबरपुर से संपर्क किया गया।  दिनांक 29 मई 2020 को ग्राम पंचायत अधिकारी आशुतोष सिंह से मोबाइल नंबर 8707597387 पर संपर्क किया गया। ग्राम पंचायत अधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्त, खेल समाप्त, पैसा हजम।







चिंतनीय / विचारणीय विंदु 
1- नौकरशाही  के फर्जी कार्यों से जनता में भी फर्जी कार्य के लिए प्रेरणा मिलती है।
2 -प्रथम बार की शिकायत / समस्या में निर्धारित विंदु से 7 मीटर को छोड़कर आगे नाली बनाई गयी और जहाँ बस्ती नहीं थी वहाँ नाली बनायीं गयी जिससे समस्या भी हल नहीं हुयी और पैसे का भी दुरूपयोग हुआ।
3 - दूसरी बार की गयी शिकायत / समस्या में खण्ड विकास अधिकारी अकबरपुर ने समस्या के पूर्ण निस्तारण की रिपोर्ट जिलाधिकारी कानपुर देहात को भेज दी गयी। जब वह समस्या आज तक लंबित है।
4 - समस्या हल में देरी होने से स्थिति और गंभीर होगी क्योंकि दूषित जल जब घर के बाहर नहीं जाएगा तब तक घर में रहना मुश्किल होगा।

नोट : इस ब्लॉग से छेड़ छाड़ किया गया है जो अब edit नहीं हो रहा है। बिन्दु (2) में स्पिन की जगह नाली पढ़ा जाय।

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