सोमवार, 4 सितंबर 2017

बढ़ते मच्छर और उसके दुष्परिणाम

Asharfi Lal Mishra











                                                                   
                                                                          मच्छर
आज विश्व में ४० % मौतें  केवल मच्छर जनित बीमारियों से हो रही हैं । भारत भी इन मच्छर जनित बीमारियों से बुरी तरह से प्रभावित है। बी आर डी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर  में हुईं  325 बच्चों की  मौतें मच्छर जनित बीमारी के ही कारण  ही हुईं। बच्चों की हुई मौतों के कारण  गोरखपुर परिक्षेत्र में हाहाकार मच गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बी आर डी  मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में बच्चों की मौत के आंकड़े गत तीन वर्षों  निम्नवत रहे

  • २०१४ ---५१०१८ भर्ती बच्चों में ५८५० बच्चों की मौत 
  • २०१५ ---६१२९५ भर्ती बच्चों में ६९१७ बच्चों की मौत 
  • २०१६ ---६०८५१ भर्ती बच्चों में ६१२१ बच्चों की मौत [a]

   इस समय उत्तर प्रदेश प्रदेश के ६६ जिलों में स्वाइन फ्लू  पहुँच चुका है। इन जिलों में ६७ मौतें हो चुकी हैं [1]

मच्छर जनित मुख्य बीमारियाँ 
  • मलेरिया 
  • फाइलेरिया 
  • चिकेनगुनिया 
  • डेंगू 
  • स्वाइन फ्लू 
  • जापानी इंसेफलाइटिस 
उक्त बीमारियों में डेंगू , स्वाइन फ्लू और जापानी इंसेफलाइटिस  अधिक घातक हैं। स्वाइन फ्लू सूअरों में फ़ैलाने वाली एक बीमारी है। स्वाइन फ्लू से प्रभावित सूअर को जब मच्छर काट लेता है और यही मच्छर जब किसी मनुष्य को काटता है तो वह स्वाइन फ्लू से प्रभावित हो जाता है।

मच्छरों  के   बढ़ने के कारण 

  • बढ़ते  प्रदूषण   के कारण मच्छरों में निरन्तर वृद्धि हो रही है
  • नालियों में प्रदूषित जल के ठहराव के कारण मच्छरों में वृद्धि हो रही है। 
  • घटते  मेढकों के कारण  भी मच्छरों की संख्या बढ़ रही है  
मच्छरों  को नियन्त्रित करने के उपाय 

  • कूड़े को इधर- उधर  न फेंककर  केवल  कूड़ेदान में ही  डाला जाये। 
  • नालियों का कचरा समय-समय पर साफ होता रहें  जिससे प्रदूषित जल स्थिर न हो क्योंकि मच्छर स्थिर जल में ही होते है। 
  • मेढकों का भोजन मच्छर ,कीट ,पतंगे हैं। आज राना टिगरीना जाति  का मेढक नालियों आदि में यदा-कदा  ही दिखलाई पड़ता  है। टोड  जाति के   मेढक  का  भोजन  तो केवल मच्छर ही है। अतः मेढक  की टांगों का निर्यात रोका जाना चाहिए। 
  • समय -समय पर डी डी टी आदि केमिकल्स का छिड़काव किया जाना चाहिए। 
अभिमत 
* मच्छरों को मारने के लिए समय -समय पर फॉगिंग की जानी  चाहिए। 
 *मच्छर जनित बीमारियों में डेंगू, स्वाइन फ्लू और  जापानी इंसेफ्लाइटिस  भयंकर बीमारियां हैं जो महामारी का रूप धारण  कर लेती हैं।
 *बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक है कि जनता के साथ-साथ सरकार को भी  साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा।
* बीमारियों की रोकथाम के लिए टीका करण  की व्यवस्था  की जाय।
*स्वाइन फ्लू  की रोकथाम के लिए  सूअरों के बाड़ों की  व्यवस्था बस्ती के बाहर   की जानी चाहिए ।
*  सरकार के प्रयास होने  चाहिए कि  इन मौतों की सँख्या न्यूनतम हो। 


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